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मेंढक बोला चलो सड़क पर.जोरों से टर्रायें|बादल सोया ओढ़ तानकर.उसको शीघ्र जगायें
मछली बोली पहले तो हम.लोगों को समझायें|"पेड़ काटना बंद करें वे.पर्यावरण बचायें|
- प्रभुदयाल श्रीवास्तव
Bharat-Darshan, Hindi literary magazine from New Zealand
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