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मैंने उसकोजब-जब देखा,लोहा देखा।लोहे जैसातपते देखा, गलते देखा, ढलते देखामैंने उसकोगोली जैसा चलते देखा।
- केदारनाथ अग्रवाल
Bharat-Darshan, Hindi literary magazine from New Zealand
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