साहित्य की उन्नति के लिए सभाओं और पुस्तकालयों की अत्यंत आवश्यकता है। - महामहो. पं. सकलनारायण शर्मा।

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बाल-साहित्य

बाल साहित्य के अन्तर्गत वह शिक्षाप्रद साहित्य आता है जिसका लेखन बच्चों के मानसिक स्तर को ध्यान में रखकर किया गया हो। बाल साहित्य में रोचक शिक्षाप्रद बाल-कहानियाँ, बाल गीत व कविताएँ प्रमुख हैं। हिन्दी साहित्य में बाल साहित्य की परम्परा बहुत समृद्ध है। पंचतंत्र की कथाएँ बाल साहित्य का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं। हिंदी बाल-साहित्य लेखन की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। पंचतंत्र, हितोपदेश, अमर-कथाएँ व अकबर बीरबल के क़िस्से बच्चों के साहित्य में सम्मिलित हैं। पंचतंत्र की कहानियों में पशु-पक्षियों को माध्यम बनाकर बच्चों को बड़ी शिक्षाप्रद प्रेरणा दी गई है। बाल साहित्य के अंतर्गत बाल कथाएँ, बाल कहानियां व बाल कविता सम्मिलित की गई हैं।

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बाल-दिवस | कविता - भारत-दर्शन संकलन | Collections

भोले भाले बालक सारे। हैं चाचा नेहरू के प्यारे ।।
सूरज चन्दा बन कर चमकें-
दूर करें हम अंधियारो को।
नील गगन के आँचल से हम-
लाएँ चाँद सितारों को ।।
देश की नैया के बनें खिवैया-
हम भारत के कृष्ण कन्हैया ।।
अमन-चैन की सरिता बहाएँ-
भारत के हर घर हर द्वारे ।
भोले भाले बालक सारे। हैं चाचा नेहरूके प्यारे ।।

देशद्रोह गद्दारों को हम
-
वसुन्धरा से मिटाएँगे ।
राष्ट्र-प्रेम के मधुर गीत हम-
मिल जुल कर सब गाएँगे ।
वीर भरत बन जाएँगे हम-
शेरों को गोद खिलाएँगे ।
मातृ-भूमि पर नित बलि जाएँ-
शुभ पावन हों कर्म हमारे ।

भोले भाले बालक सारे। हैं चाचा नेहरू के प्यारे ।।

 
चाचा नेहरू, तुम्हें प्रणाम | बाल-दिवस कविता - भारत-दर्शन संकलन | Collections
तुमने किया स्वदेश स्वतंत्र, फूंका देश-प्रेम का मन्त्र,


 
नेहरू-स्मृति-गीत | बाल-दिवस कविता - भारत-दर्शन संकलन | Collections

जन्म-दिवस पर नेहरू चाचा, याद तुम्हारी आई।
भारत माँ के रखवारे थे, हम सब बच्चों के प्यारे थे,
दया-प्रेम मन मे धारे थे। 
बचपन प्रमुदित हुआ नेह से, जाग उठी तरुणाई।
जन्म दिवस पर नेहरू चाचा याद तुम्हारी आई।

सारी दुनिया का दुख मन में, रहे संजोए तुम जीवन में
पूजित हुए तभी जन-जन में।
दिशा दिशा में मनुज-प्रेम के धवल कीर्ति है छाई।
जन्म दिवस पर नेहरू चाचा, याद तुम्हारी आई।

तुम हर एक प्रश्न का हल थे
, बड़े सहज थे, बड़े सरल थे,
शान्ति
-दूत अविकल अविचल थे।
विश्व-वाटिका के गुलाब थे, सुरभि अलौकिक पाई।
जन्म-दिवस पर नेहरू चाचा, याद तुम्हारी आई।

यद्पि हुए तुम प्रभु को प्यारे
, किन्तु सदा ही पास हमारे,
सम्मुख हैं आदर्श तुम्हारे।
उन पर चल कर करें देश दुनिया की खूब भलाई ।
जन्म दिवस पर नेहरू चाचा, याद हम्हारी आई ।

 
नेहरू चाचा | बाल-दिवस कविता - भारत-दर्शन संकलन | Collections


 
बाल-दिवस है आज साथियो | बाल-दिवस कविता - भारत-दर्शन संकलन | Collections

बाल-दिवस है आज साथियो, आओ खेलें खेल ।
जगह-जगह पर मची हुई खुशियों की रेलमपेल ।

 
आ गया बच्चों का त्योहार | Bal Diwas Hindi poem - भारत-दर्शन संकलन | Collections

आ गया बच्चों का त्योहार !

सभी में छाई नयी उमंग, खुशी की उठने लगी तरंग,
होे रहे हम आनन्द-विभोर, समाया मन में हर्ष अपार !
आ गया बच्चों का त्योहार !

करें चाचा नेहरू को याद, जिन्होंने किया देश आज़ाद,
बढ़ाया हम सबका सम्मान, शांति की देकर नयी पुकार !

आ गया बच्चों का त्योहार !

चलें उनके ही पथ पर आज, बनाएं स्वर्ग-समान समाज,
न मानें कभी किसी से बैर, बढ़ाएं आपस में ही प्यार !
आ गया बच्चों का त्योहार !


देश-हित दें सब-कुछ हि त्याग, कर भारत माँ से अनुराग,
बनाएं जन सेवा को ध्येय, करें दुखियों का हम उद्धार !
आ गया बच्चों का त्योहार !

 
उसे कुछ मिला, नहीं | बाल कविता - रोहित कुमार 'हैप्पी'

कूड़े के ढेर से

 
मछली की समझाइश‌ - प्रभुद‌याल‌ श्रीवास्त‌व‌

मेंढक बोला चलो सड़क पर.
जोरों से टर्रायें|
बादल सोया ओढ़ तानकर.
उसको शीघ्र जगायें

 
पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म-दिवस | बाल-दिवस - भारत-दर्शन संकलन | Collections

14 नवंबर को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म-दिवस होता है। इसे भारत में 'बाल-दिवस' (Bal Diwas) के रूप में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। नेहरूजी को 'चाचा नेहरू' के रूप में जाने जाते हैं क्योंकि  उन्हें बच्चों से बहुत प्यार था।

 

 

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